2.15.2Rigved
श्लोक:२.१५.२ (2.15.2)सूक्त (१५)

Sanskrit

अ॒वं॒शे द्याम॑स्तभायद्बृ॒हन्त॒मा रोद॑सी अपृणद॒न्तरि॑क्षम् । स धा॑रयत्पृथि॒वीं प॒प्रथ॑च्च॒ सोम॑स्य॒ ता मद॒ इन्द्र॑श्चकार ॥ (२)

Hindi

इंद्र ने आकाश में प्रकाश वाले सूर्य को स्थिर किया है तथा स्वर्ग, धरती एवं आकाश को अपने तेज से पूर्ण कर दिया है. उन्होंने पृथ्वी को धारण करके सिद्ध बनाया है. इंद्र ने यह कार्य सोमरस के नशे में किया है. (२)

English

Indra has set the sun with light in the sky and has completed the heavens, the earth and the sky with his brightness. They have made the earth perfect by holding it. Indra has done this work in the drunkenness of Somras. (2)

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श्लोक:२.१५.२ (2.15.2)सूक्त (१५)