Sanskrit

वि॒भावा॑ दे॒वः सु॒रणः॒ परि॑ क्षि॒तीर॒ग्निर्ब॑भूव॒ शव॑सा सु॒मद्र॑थः । तस्य॑ व्र॒तानि॑ भूरिपो॒षिणो॑ व॒यमुप॑ भूषेम॒ दम॒ आ सु॑वृ॒क्तिभिः॑ ॥ (९)

Hindi

दीप्तिमान्‌, स्तुति किए जाते हुए, रमणीय शोभन रथ वाले अग्नि शक्ति द्वारा सारी प्रजाओं को घेर लेते हैं. अनेक का पोषण करने वाले एवं यज्ञशाला में निवास करने वाले अग्नि के सभी कर्मो को हम उत्तम स्तोत्रों द्वारा प्रकाशित करेंगे. (९)

English

Deeptiman, being praised, surrounds all the subjects with the agni power of the delightful shobhan chariot. We will publish all the deeds of agni, which nourishes many and dwells in the yajnashala, through the best hymns. (9)