4.4.13Rigved
श्लोक:४.४.१३ (4.4.13)सूक्त (४)
Sanskrit
ये पा॒यवो॑ मामते॒यं ते॑ अग्ने॒ पश्य॑न्तो अ॒न्धं दु॑रि॒तादर॑क्षन् । र॒रक्ष॒ तान्सु॒कृतो॑ वि॒श्ववे॑दा॒ दिप्स॑न्त॒ इद्रि॒पवो॒ नाह॑ देभुः ॥ (१३)
Hindi
हे अग्नि! तुम्हारी रक्षा करने वाली एवं करुणादृष्टियुक्त किरणों ने ममता के अंधे पुत्र दीर्घतमा की शाप से रक्षा की थी. हे सब कुछ जानने वाले अग्नि! तुम उन उत्तम कर्म वाली किरणों की रक्षा करते हो. नष्ट करने की इच्छा रखने वाले शत्रु भी उसे समाप्त नहीं कर सके. (१३)
English
O agni! The rays that protected you and had compassion protected Mamata's blind son, Lambatama, from the curse. O agni who knows everything! You protect those best-working rays. Even the enemies who wished to destroy him could not finish it. (13)
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श्लोक:४.४.१३ (4.4.13)सूक्त (४)