Sanskrit
अ॒या ते॑ अग्ने स॒मिधा॑ विधेम॒ प्रति॒ स्तोमं॑ श॒स्यमा॑नं गृभाय । दहा॒शसो॑ र॒क्षसः॑ पा॒ह्य१॒॑स्मान्द्रु॒हो नि॒दो मि॑त्रमहो अव॒द्यात् ॥ (१५)
Hindi
हे अग्नि! इस प्रदीप्त स्तुति द्वारा हम तुम्हारी सेवा करें. हमारी स्तुति को ग्रहण करो एवं स्तुति न करने वाले राक्षसों को जलाओ. हे मित्रों द्वारा पूजनीय अग्नि! द्रोह एवं निंदा करने वालों के अपयश से हमें बचाओ. (१५)
English
O agni! May we serve you with this bright praise. Receive our praise and burn the demons who do not praise. O agni revered by friends! Save us from the wrath and the failure of those who condemn. (15)
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