1.120.8Rigved
श्लोक:१.१२०.८ (1.120.8)सूक्त (१२०)
Shlok 1 of 1
मा कस्मै॑ धातम॒भ्य॑मि॒त्रिणे॑ नो॒ माकुत्रा॑ नो गृ॒हेभ्यो॑ धे॒नवो॑ गुः । स्त॒ना॒भुजो॒ अशि॑श्वीः ॥ (८)
हमें किसी शत्रु के सामने उपस्थित मत करो. हमारे घरों की दुधारू गाएं बछड़ों से बिछड़ कर किसी अगम्य स्थान में न जाएं. (८)
Don't put us before an enemy. Do not go to any inaccessible place by being separated from the calves of our houses. (8)