1.19.4Atharvaved
Sanskrit
यः स॒पत्नो॒ यो ऽस॑पत्नो॒ यश्च॑ द्वि॒षन्छपा॑ति नः । दे॒वास्तं सर्वे॑ धूर्वन्तु॒ ब्रह्म॒ वर्म॒ ममान्त॑रम् ॥ (४)
Hindi
जो हमारी जाति का अथवा भिन्न जाति का पुरुष हम से द्वेष रखने के कारण हमें शाप देता है, इंद्र आदि सभी देव उस का विनाश करें. मेरे द्वारा प्रयोग किए गए मंत्र उस के शाप से मेरी रक्षा करें. (४)
English
Whoever curses us for hating us, all gods like Indra etc. should destroy him. The mantras I use protect me from his curse. (4)
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