11.3.4Atharvaved
मंत्र:११.३.४ (11.3.4)सूक्त (३)
Shlok 1 of 1
दितिः॒ शूर्प॒मदि॑तिः शूर्पग्रा॒ही वातोऽपा॑विनक् ॥ (४)
असुरों की माता इस का सूप हैं, देव माता अदिति उस सूप को पकड़ने वाली हैं और वायु चावलों और भूसी का विवेचन करने वाले हैं. (४)
The mother of asuras is its soup, Dev Mata Aditi is going to catch that soup and discuss air rice and husk. (4)