11.7.2Atharvaved
मंत्र:११.७.२ (11.7.2)सूक्त (७)

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मंत्र:११.७.२ (11.7.2)सूक्त (७)

ब्र॑ह्मचा॒रिणं॑ पि॒तरो॑ देवज॒नाः पृथ॑ग्दे॒वा अ॑नु॒संय॑न्ति॒ सर्वे॑ । ग॑न्ध॒र्वा ए॑न॒मन्वा॑य॒न्त्रय॑स्त्रिंशत्त्रिश॒ताः ष॑ट्सह॒स्राः सर्वा॒न्त्स दे॒वांस्तप॑सा पिपर्ति ॥ (२)

पितर, देवजन एवं इंद्र आदि सभी देव ब्रह्मचारी की रक्षा के लिए उस के पीछे चलते हैं. गंधर्व भी ब्रह्मचारी का अनुगमन करते हैं. ब्रह्मचारी अपने तप से तैंतीस, तीस और छह हजार संख्या वाले सभी देवों का पालन करता है. (२)

All the gods like Pitar, Devjan and Indra follow him to protect brahmachari. Gandharva also follows Brahmachari. Brahmachari follows all the gods with thirty-three, thirty and six thousand numbers with his tenacity. (2)