12.2.25Atharvaved
Sanskrit
यथाहा॑न्यनुपू॒र्वं भ॑वन्ति॒ यथ॒र्तव॑ ऋ॒तुभि॒र्यन्ति॑ सा॒कम् । यथा॑ न॒ पूर्व॒मप॑रो॒ जहा॑त्ये॒वा धा॑त॒रायूं॑षि कल्पयै॒षाम् ॥ (२५)
Hindi
जिस प्रकार ऋतुएं एक के पीछे दूसरी आती हैं, जैसे दिन एक के पीछे दूसरे आते हैं, जैसे बाद वाला पहले का त्याग नहीं करता, हे माता! उसी प्रकार प्रकार इन्हें आयुष्मान बनाओ. (२५)
English
Just as seasons come after another, just as days come after another, as the latter does not renounce the first, O Mother! In the same way, make them Ayushmann. (25)
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