Sanskrit

यदि॑ हु॒तां यद्यहु॑ताम॒मा च॒ पच॑ते व॒शाम् । दे॒वान्त्सब्रा॑ह्मणानृ॒त्वा जि॒ह्मो लो॒कान्निरृ॑च्छति ॥ (५३)

Hindi

हुत अर्थात्‌ दान में दी गई या अहुत अर्थात्‌ दान में न दी गई वशा का पालन करने वाला देवता और ब्राह्मणों का अपमान करने वाला होता है. वह इस लोक में बुरी गति प्राप्त करता है. (५३)

English

A person who follows the 'hut' or 'ahut' (donation) is an insult to the deity and brahmins. He gains bad momentum in this world. (53)