Sanskrit

तामा॒ददा॑नस्य ब्रह्मग॒वीं जि॑न॒तो ब्रा॑ह्म॒णं क्ष॒त्रिय॑स्य ॥ (५)

Hindi

जो क्षत्रिय ब्राह्मण की इस प्रकार की गौ का अपहरण करता है और ब्राह्मण को दुखी करता है, उस की लक्ष्मी, शक्ति और प्रिय वाणी पलायन कर जाती है. (५)

English

The Kshatriya who kidnaps this type of cow of the Brahmin and makes the Brahmin unhappy, his Lakshmi, Shakti and beloved speech are lost. (5)