12.7.3Atharvaved
मंत्र:१२.७.३ (12.7.3)सूक्त (७)

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मंत्र:१२.७.३ (12.7.3)सूक्त (७)

सर्वा॑ण्यस्यां क्रू॒राणि॒ सर्वे॑ पुरुषव॒धाः ॥ (३)

ब्राह्मण की इस गाय में सभी प्रकार के कूट कर्म तथा पुरुषों के सब प्रकार के वध व्याप्त रहते हैं. (३)

In this cow of Brahmin, all kinds of coot deeds and all kinds of slaughter of men are prevalent. (3)