13.4.5Atharvaved
मंत्र:१३.४.५ (13.4.5)सूक्त (४)

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मंत्र:१३.४.५ (13.4.5)सूक्त (४)

सो अ॒ग्निः स उ॒ सूर्यः॒ स उ॑ ए॒व म॑हाय॒मः ॥ (५)

वही अग्ने, वे ही सूर्य तथा वे ही महान यम हैं. (५)

The same agni, he is the sun and he is the great Yama. (5)