14.2.25Atharvaved
Sanskrit
वि ति॑ष्ठन्तांमा॒तुर॒स्या उ॒पस्था॒न्नाना॑रूपाः प॒शवो॒ जाय॑मानाः । सु॑मङ्ग॒ल्युप॑सीदे॒मम॒ग्निं संप॑त्नी॒ प्रति॑ भूषे॒ह दे॒वान् ॥ (२५)
Hindi
इस माता से अनेक पुत्र प्रकट हो कर इस की गोद में बैठे. हे सुंदर कल्याण वाली स्त्री! तू अग्नि के पास बैठ कर इन सब देवताओं को सुशोभित कर. (२५)
English
Many sons appeared from this mother and sat on her lap. O beautiful woman of welfare! Sit near the agni and adorn all these gods. (25)
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