15.2.5Atharvaved
मंत्र:१५.२.५ (15.2.5)सूक्त (२)
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श्र॒द्धापुं॑श्च॒ली मि॒त्रो मा॑ग॒धो वि॒ज्ञानं॒ वासोऽह॑रु॒ष्णीषं॒ रात्री॒ केशा॒ हरि॑तौप्रव॒र्तौ क॑ल्म॒लिर्म॒णिः ॥ (५)
श्रद्धा पुंश्चली, मित्र अर्थात सूर्य स्तुति करने वाला, विज्ञान वस्त्र, दिन पगड़ी, रात्रि केश, किरणें कुंडल तथा तारे मणि के समान होते हैं. (५)
Shraddha Punshhali, Mitra i.e. sun praise, science clothes, day turban, night hair, rays are like coils and stars are like gems. (5)