16.3.1Atharvaved
मंत्र:१६.३.१ (16.3.1)सूक्त (३)
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मू॒र्धाहंर॑यी॒णां मू॒र्धा स॑मा॒नानां॑ भूयासम् ॥ (१)
मैं धनों का शीर्ष रूप रहूं. जो व्यक्ति मेरे समान हैं, उन में मैं मस्तक के समान उच्च रहूं. (१)
Let me be the top form of wealth. In those who are like me, I should be as high as the head. (1)