16.6.4Atharvaved
मंत्र:१६.६.४ (16.6.4)सूक्त (६)

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मंत्र:१६.६.४ (16.6.4)सूक्त (६)

यं द्वि॒ष्मोयश्च॑ नो॒ द्वेष्टि॒ तस्मा॑ एनद्गमयामः ॥ (४)

हम जिससे द्वेष करते हैं और जो हमसे द्वेष करता है, हम इस भय को उस के पास भेजते हैं. (४)

To the one we hate and to the one who hates us, we send this fear to him. (4)