18.2.3Atharvaved
मंत्र:१८.२.३ (18.2.3)सूक्त (२)

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मंत्र:१८.२.३ (18.2.3)सूक्त (२)

य॑मायघृ॒तव॒त्पयो॒ राज्ञे॑ ह॒विर्जु॑होतन । स नो॑ जी॒वेष्वा य॑मेद्दी॒र्घमायुः॒ प्रजी॒वसे॑ ॥ (३)

हे यजमानो! घृत से युक्त क्षीर रूप हवि यम के लिए अर्पण करो. वे हवि पा कर हमें जीवित मनुष्यों में रखंगे और सौ वर्ष की आयु प्रदान करेंगे. (३)

O hosts! Offer the ksheer form containing ghee to Haviyam. They will destroy us and put us in living human beings and give us a hundred years of age. (3)