2.4.1Atharvaved
मंत्र:२.४.१ (2.4.1)सूक्त (४)
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दी॑र्घायु॒त्वाय॑ बृहते रणा॒यारि॑ष्यन्तो॒ दक्ष॑माणाः॒ सदै॒व । म॒णिं वि॑ष्कन्ध॒दूष॑णं जङ्गि॒डं बि॑भृमो व॒यम् ॥ (१)
हम दीर्घ जीवन के लिए तथा महान् रमणीय कर्म के लिए राक्षस, पिशाच आदि को भगाने वाली इस मणि को धारण करते हैं, जो वाराणसी में प्रसिद्ध जंगिड़ वृक्ष से बनती है. इस के कारण हम हिंसित न होते हुए अपना पालन करते हैं. (१)
We wear this gem that drives away demons, vampires, etc. for a long life and for great delightful deeds, which is made from the famous Jangid tree in Varanasi. Because of this, we follow ourselves without being violent. (1)