Sanskrit
यदि॑न्द्र॒ प्रागपा॒गुद॒ङ्न्यग्वा हू॒यसे॒ नृभिः॑ । सिमा॑ पु॒रू नृषू॑तो अ॒स्यान॒वेऽसि॑ प्रशर्ध तु॒र्वशे॑ ॥ (१)
Hindi
हे इंद्र! तुम चारों दिशाओं में स्थित मनुष्यों के द्वारा बुलाए जाते हो. तुम शत्रुओं का पूर्ण रूप से नाश कर देते हो. तुम इस यजमान के यज्ञ में आओ. (१)
English
O Indra! You are called by human beings in all four directions. You completely destroy enemies. You come to this host's yagna. (1)
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