Sanskrit

ता अ॑र्षन्ति शु॒भ्रियः॑ पृञ्च॒तीर्वर्च॑सा॒ प्रि॒यः॑ । जा॒तं जा॒त्रीर्यथा॑ हृ॒दा ॥ (२)

Hindi

जिस प्रकार माता जन्म लेने वाले बच्चे को अपने हृदय से लगा लेती है, उसी प्रकार सुंदर स्तुतियां इंद्र को तेज से सुशोभित करती हैं. (२)

English

Just as a mother attaches the child born to her heart, so beautiful praises adorn Indra with a sharp ness. (2)