20.62.8Atharvaved
Sanskrit
तम्व॒भि प्र गा॑यत पुरुहू॒तं पु॑रुष्टु॒तम् । इन्द्रं॑ गीर्भिस्तवि॒षमा वि॑वासत ॥ (८)
Hindi
हे स्तोताओ! इंद्र को अनेक स्तोता बुला चुके हैं तथा बहुत से स्तोताओं ने इंद्र की स्तुति की है. उन्हीं पराक्रमी इंद्र को तुम भी अपनी स्तुतियों के द्वारा सुशोभित करो. (८)
English
O stotao! Indra has been called many hymns and many stotas have praised Indra. You should also adorn the same mighty Indra with your praises. (8)
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