20.69.6Atharvaved
Sanskrit
त्वां स्तोमा॑ अवीवृध॒न्त्वामु॒क्था श॑तक्रतो । त्वां व॑र्धन्तु नो॒ गिरः॑ ॥ (६)
Hindi
हे इंद्र! स्तोम, उक्थ और हमारी वाणी रूपी स्तुतियां तुम्हारी वृद्धि करें. (६)
English
O Indra! May the praises of Stom, Ukth and our speech increase you. (6)
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