20.7.4Atharvaved
Sanskrit
इन्द्र॑ क्रतु॒विदं॑ सु॒तं सोमं॑ हर्य पुरुष्टुत । पि॒बा वृ॑षस्व॒ तातृ॑पिम् ॥ (४)
Hindi
हे बहुतों के द्वारा प्रशंसित इंद्र! यज्ञ के साधक और निचोड़े गए सोम को पीने की इच्छा करो. तुम इस सोम को अपने उदर में भर लो. (४)
English
O Indra admired by many! Wish to drink the seeker of yajna and squeezed soma. You fill this mon in your abdomen. (4)
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