20.8.3Atharvaved
मंत्र:२०.८.३ (20.8.3)सूक्त (८)
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आपू॑र्णो अस्य क॒लशः॒ स्वाहा॒ सेक्ते॑व॒ कोशं॑ सिषिचे॒ पिब॑ध्यै । समु॑ प्रि॒या आव॑वृत्र॒न्मदा॑य प्रदक्षि॒णिद॒भि सोमा॑स॒ इन्द्र॑म् ॥ (३)
इंद्र के लिए यह पूर्ण कलश सोम रस से भरा हुआ है. जिस प्रकार जल छिड़कने वाला मशक को जल से भरता है, उसी प्रकार अध्वर्यु इंद्र के पीने के लिए सोमरस निचोड़ता है. ये सोम इंद्र की प्रसन्नता के लिए इंद्र की ओर जाते हैं. (३)
For Indra, this complete kalash is filled with Som rasa. Just as the sprinkler of water fills the mashak with water, so Adhwaryu squeezes someras for Indra to drink. These Soms go towards Indra for Indra's happiness. (3)