20.94.8Atharvaved
Sanskrit
गि॒रीँरज्रा॒न्रेज॑मानाँ अधारय॒द्द्यौः क्र॑न्दद॒न्तरि॑क्षाणि कोपयत् । स॑मीची॒ने धि॒षणे॒ वि ष्क॑भायति॒ वृष्णः॑ पी॒त्वा मद॑ उ॒क्थानि॑ शंसति ॥ (८)
Hindi
सोमरस से हर्षित हुए इंद्र पर्वतों को धारण करते हैं, अंतरिक्ष के पदार्थो को कुपित करते हैं तथा झुलोक को कुंदनमय बनाते हैं. (८)
English
Pleased with Someras, Indra holds the mountains, enrages the substances of space and makes the jhuloka kundanmaya. (8)
Shlok 1 of 1