3.5.7Atharvaved
मंत्र:३.५.७ (3.5.7)सूक्त (५)

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मंत्र:३.५.७ (3.5.7)सूक्त (५)

ये राजा॑नो राज॒कृतः॑ सू॒ता ग्रा॑म॒ण्य॑श्च॒ ये । उ॑प॒स्तीन्प॑र्ण॒ मह्यं॒ त्वं सर्वा॑न्कृण्व॒भितो॒ जना॑न् ॥ (७)

हे पर्णमणि! जो राजगण, राजा बनाने में समर्थ सचिवगण, रथ हांकने वाले सूत और गांव के मुखिया हैं, उन सब को तू मेरी सेवा करने के लिए मेरे चारों ओर उपस्थित कर. (७)

O leafy queen! Present all those who are capable of making kings, the secretaries capable of making kings, the yarn that drives the chariots and the head of the village, all around me to serve me. (7)