3.5.8Atharvaved
मंत्र:३.५.८ (3.5.8)सूक्त (५)
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प॒र्णोऽसि॑ तनू॒पानः॒ सयो॑निर्वी॒रो वी॒रेण॒ मया॑ । सं॑वत्स॒रस्य॒ तेज॑सा॒ तेन॑ बध्नामि त्वा मणे ॥ (८)
हे पर्णमणि! सोमलता के पत्तों से निर्मित होने के कारण तुम देह की रक्षा करने वाली हो. तुम शक्तिशालिनी और मुझ वीर के समान जन्म वाली हो. सूर्य के समान तेजस्विनी तुझ पर्णमणि को मैं तेज प्राप्ति के लिए बांधना चाहता हूं. (८)
O leafy queen! Being made from the leaves of Somlata, you are going to protect the body. You are born like Shaktishalini and me veer. Like the sun, I want to tie tejaswini your parnamani to get radiance. (8)