3.7.4Atharvaved
मंत्र:३.७.४ (3.7.4)सूक्त (७)

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मंत्र:३.७.४ (3.7.4)सूक्त (७)

अ॒मू ये दि॒वि सु॒भगे॑ वि॒चृतौ॒ नाम॒ तार॑के । वि क्षे॑त्रि॒यस्य॑ मुञ्चतामध॒मं पाश॑मुत्त॒मम् ॥ (४)

आकाश में स्थित विचृत नामक दो तारे क्षय, कुष्ठ, मिरगी आदि क्षेत्रीय रोगों का विनाश करें. (४)

Two stars named Vichrit located in the sky destroy regional diseases like decay, leprosy, epilepsy etc. (4)