5.3.7Atharvaved
मंत्र:५.३.७ (5.3.7)सूक्त (३)
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तिस्रो॑ देवी॒र्महि॑ नः॒ शर्म॑ यच्छत प्र॒जायै॑ नस्त॒न्वे॒ यच्च॑ पु॒ष्टम् । मा हा॑स्महि प्र॒जया॒ मा त॒नूभि॒र्मा र॑धाम द्विष॒ते सो॑म राजन् ॥ (७)
भारती, सरस्वती और पृथ्वी-ये तीन देवियां हमारा कल्याण करें. हमारी प्रजाएं पोषक पदार्थ पा कर पुण्य शरीर वाली हों. हे तेजस्वी सोम! हम संतान एवं पशुओं से हीन न हों तथा शत्रु हमें दुःख न दें. (७)
May these three goddesses - Bharati, Saraswati and Prithvi - bless us. Our subjects should get nutritious foods and have a virtuous body. O stunning Mon! We should not be inferior to children and animals and enemies should not hurt us. (7)