Sanskrit

यम॑राते पुरोध॒त्से पुरु॑षं परिरा॒पिण॑म् । नम॑स्ते॒ तस्मै॑ कृण्मो॒ मा व॒निं व्य॑थयी॒र्मम॑ ॥ (२)

Hindi

हे अराति! हम उस पुरुष को दूर से प्रणाम करते हैं, जो तुम्हारे सम्मुख रहता है एवं केवल बोलने वाला है, काम नहीं करता. तुम हमारी इस इच्छा को ठुकराना मत. (२)

English

O Arati! We salute the man from a distance, who is in front of you and is only a speaker, does not work. Don't turn down this wish of ours. (2)