6.7.1Atharvaved
मंत्र:६.७.१ (6.7.1)सूक्त (७)
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येन॑ सो॒मादि॑तिः प॒था मि॒त्रा वा॒ यन्त्य॒द्रुहः॑ । तेना॒ नोऽव॒सा ग॑हि ॥ (१)
हे सोम! जिस मार्ग से, अदिति मित्र एवं उस के बारह पुत्र अनुग्रह करते हुए सरंचना करते हैं, उसी मार्ग से हमारा कल्याण करते हुए आओ. (१)
O Mon! Come to the same path as Aditi friends and her twelve sons do charity with grace, doing our welfare. (1)