8.1.7Atharvaved
मंत्र:८.१.७ (8.1.7)सूक्त (१)
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मा ते॒ मन॒स्तत्र॑ गा॒न्मा ति॒रो भू॒न्मा जी॒वेभ्यः॒ प्र म॑दो॒ मानु॑ गाः पि॒तॄन् । विश्वे॑ दे॒वा अ॒भि र॑क्षन्तु त्वे॒ह ॥ (७)
तेरा मन यमराज के विषय में न जाए तथा तेरा मन विलीन भी न हो. तू अपने बंधुओं के प्रति असावधान न रहे. तू मरे हुए पूर्वजों का अनुगमन मत कर. इंद्र आदि देव इसी शरीर में तेरा पालन करें. (७)
Your mind should not go about Yamraj and your mind should not merge. Do not be careless about your brothers. Don't follow the dead ancestors. Indra Adi Dev follow you in this body. (7)