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आ र॑भस्वे॒माम॒मृत॑स्य॒ श्नुष्टि॒मच्छि॑द्यमाना ज॒रद॑ष्टिरस्तु ते । असुं॑ त॒ आयुः॒ पुन॒रा भ॑रामि॒ रज॒स्तमो॒ मोप॑ गा॒ मा प्र मे॑ष्ठाः ॥ (१)
हे आयु की कामना करने वाले पुरुष! तुम हमारे द्वारा किए जाते हुए अमरण संबंधी अनुष्ठान को अनुभव करो. तुम्हारा शरीर शत्रुओं के द्वारा छिन्नभिन्न न होने वाला तथा वृद्धावस्था को प्राप्त करने वाला हो. इस के लिए मृत्यु से छीने गए तेरे प्राणों को मैं पुनः आयु से भरता हूं. तू सत्व गुण के प्रतिबंधक रजोगुण और तमोगुण को प्राप्त न हो. तू हिंसा को भी प्राप्त न हो. (१)
O men wishing for age! You experience the immortal rituals we perform. Your body is not broken by enemies and attains old age. For this, I fill your life taken away from death with life again. You should not attain the restrictive rajoguna and tamoguna of sattva guna. You don't even get violence. (1)