9.14.18Atharvaved
Sanskrit
अ॒वः परे॑ण पि॒तरं॒ यो अ॑स्य॒ वेदा॒वः परे॑ण प॒र ए॒नाव॑रेण । क॑वी॒यमा॑नः॒ क इ॒ह प्र वो॑चद्दे॒वं मनः॒ कुतो॒ अधि॒ प्रजा॑तम् ॥ (१८)
Hindi
अगले पैरों के द्वारा इस के पिता अन्न को जानने वाला एवं पिछले पैरों के द्वारा पर को जानने वाला दिव्य मन कहां से प्रकट हुआ? यह बात प्रजापति ने कही. (१८)
English
From where did the divine mind, who knew his father Food through the next feet and the one who knew the other through the back feet, appear? Prajapati said. (18)
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