Sanskrit

जग॑ता॒ सिन्धुं॑ दि॒व्यस्कभायद्रथंत॒रे सूर्यं॒ पर्य॑पश्यत् । गा॑य॒त्रस्य॑ स॒मिध॑स्ति॒स्र आ॑हु॒स्ततो॑ म॒ह्ना प्र रि॑रिचे महि॒त्वा ॥ (३)

Hindi

संसार के द्वारा सिंधु को द्विलोक की ओर प्रेरित किया गया. ज्ञानियों ने रथंतर में सूर्य का दर्शन किया. उन्होंने गायत्र यज्ञ की तीन समिधाएं बताई. इस के पश्चात वे अपनी महत्ता से ही वृद्धि को प्राप्त हुए. (३)

English

Sindhu was inspired by the world towards Dwilaoka. The wise saw the sun in Rathantar. He told three samidhas of Gayatri Yagya. After this, he got growth from his importance. (3)