Sanskrit
नाना॒ हि त्वा॒ हव॑माना॒ जना॑ इ॒मे धना॑नां धर्त॒रव॑सा विप॒न्यवः॑ । अ॒स्माकं॑ स्मा॒ रथ॒मा ति॑ष्ठ सा॒तये॒ जैत्रं॒ ही॑न्द्र॒ निभृ॑तं॒ मन॒स्तव॑ ॥ (५)
Hindi
हे धनधारणकर्ता इंद्र! अपनी रक्षा के निमित्त बहुत से लोग तुम्हारी स्तुति करते एवं तुम्हें बुलाते हैं, उन में केवल हमें धन प्रदान करने के लिए रथ पर बैठो. हे इंद्र! तुम्हारा मन अव्याकुल एवं जयशील है. (५)
English
O rich indra! Many people praise you and call you for the sake of their protection, among them sit on the chariot only to give us wealth. O Indra! Your mind is unsavoury and joyful. (5)
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