Sanskrit

यदया॑तं॒ दिवो॑दासाय व॒र्तिर्भ॒रद्वा॑जायाश्विना॒ हय॑न्ता । रे॒वदु॑वाह सच॒नो रथो॑ वां वृष॒भश्च॑ शिंशु॒मार॑श्च यु॒क्ता ॥ (१८)

Hindi

हे अश्विनीकुमारो! दिवोदास ने अन्न हव्य रूप में देकर तुम्हारी स्तुति की तो तुम उसके घर गए. उस समय तुम्हारी सेवा करने वाला रथ अन्न ले गया था. उस में घोड़े और मगर जुड़े थे. (१८)

English

O Ashwinikumaro! When Divodas praised you by giving you food in the form of havan, you went to his house. At that time the chariot serving you took food. There were horses and crocodiles attached to it. (18)