Sanskrit

श॒रस्य॑ चिदार्च॒त्कस्या॑व॒तादा नी॒चादु॒च्चा च॑क्रथुः॒ पात॑वे॒ वाः । श॒यवे॑ चिन्नासत्या॒ शची॑भि॒र्जसु॑रये स्त॒र्यं॑ पिप्यथु॒र्गाम् ॥ (२२)

Hindi

हे अश्विनीकुमारो! तुमने कुएं के नीचे से जल को इसलिए ऊपर उठाया था, जिससे कि तुम्हारा स्तोता, ऋचत्क पुत्र शर जल पी सके. थके हुए शंयु की प्रसवरहित गाय को तुमने अपने कर्मो द्वारा दुग्धपूर्ण बनाया था. (२२)

English

O Ashwinikumaro! You lifted up the water from under the well so that your stotha, the son of Richatak, could drink the water. You made the unpartum cow of the tired woman milky by your deeds. (22)