Sanskrit

अ॒व॒स्य॒ते स्तु॑व॒ते कृ॑ष्णि॒याय॑ ऋजूय॒ते ना॑सत्या॒ शची॑भिः । प॒शुं न न॒ष्टमि॑व॒ दर्श॑नाय विष्णा॒प्वं॑ ददथु॒र्विश्व॑काय ॥ (२३)

Hindi

हे अश्चिनीकुमारो! कृष्ण के पुत्र सीधे-सादे विश्वकाय ऋषि ने अपनी रक्षा की इच्छा से तुम्हारी प्रार्थना की. जिस प्रकार कोई खोया हुआ पशु उसके स्वामी को दिखा दे, उसी प्रकार तुमने उसके खोए हुए पुत्र विष्णायु को दिखा दिया था. (२३)

English

O aschinikumaro! The sage Vishwakaya, the son of Krishna, prayed to you with a desire to protect him; just as a lost animal should show it to its master, so you showed his lost son Vishnuyu. (23)