Sanskrit
परा॑व॒तं ना॑सत्यानुदेथामु॒च्चाबु॑ध्नं चक्रथुर्जि॒ह्मबा॑रम् । क्षर॒न्नापो॒ न पा॒यना॑य रा॒ये स॒हस्रा॑य॒ तृष्य॑ते॒ गोत॑मस्य ॥ (९)
Hindi
हे अश्चिनीकुमारो! तुम गौतम ऋषि के समीप कुएं को ले गए थे. उसका मूल ऊपर एवं द्वार नीचे कर दिया था. उस में से हव्य देने वाले एवं सहनशील गौतम के पीने के निमित्त जल निकलने लगा था. (९)
English
O aschinikumaro! You took the well near sage Gautama. His origin was turned up and down the door. Out of it, water had started to come out for the drinking of the harbing and tolerant Gautama. (9)
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