Sanskrit

त्वमि॑न्द्र॒ नर्यो॒ याँ अवो॒ नॄन्तिष्ठा॒ वात॑स्य सु॒युजो॒ वहि॑ष्ठान् । यं ते॑ का॒व्य उ॒शना॑ म॒न्दिनं॒ दाद्वृ॑त्र॒हणं॒ पार्यं॑ ततक्ष॒ वज्र॑म् ॥ (१२)

Hindi

हे मानव हितकारी इंद्र! तुम जिन अश्वों की रक्षा करते हो, उन वायु तुल्य शीघ्रगामी एवं शोभन रथ में जुते हुए अश्वों पर आरोहण करो. कविपुत्र उशना द्वारा प्रदत्त मदकारक वज्र को तुमने वृत्रघातक एवं शत्रु अतिक्रमणकारी के रूप में तेज किया है. (१२)

English

O human benefactor Indra! Climb the horses you protect, riding on the horses that are like the air like the fast-moving and adorning chariots. You have intensified the demonised vajra provided by the poet's son Ushana as a virulent and an enemy transgressor. (12)