Sanskrit

स्तृ॒णा॒नासो॑ य॒तस्रु॑चो ब॒र्हिर्य॒ज्ञे स्व॑ध्व॒रे । वृ॒ञ्जे दे॒वव्य॑चस्तम॒मिन्द्रा॑य॒ शर्म॑ स॒प्रथः॑ ॥ (५)

Hindi

सोमयाग नामक शोभन यज्ञ में कुश फैलाते हुए ऋत्विज्‌ इंद्र के निमित्त विस्तीर्ण, सुखसाधन व देवों के यज्ञवर्धक आने-जाने योग्य घर बनाते हैं. (५)

English

In the Shobhan Yajna called Somayag, ritwija creates a wide, happy house and a yagna-bearer of the gods to come and go on for the sake of Indra. (5)