Sanskrit
म॒न्द्रजि॑ह्वा जुगु॒र्वणी॒ होता॑रा॒ दैव्या॑ क॒वी । य॒ज्ञं नो॑ यक्षतामि॒मं सि॒ध्रम॒द्य दि॑वि॒स्पृश॑म् ॥ (८)
Hindi
देवों को मादक करने वाली ज्वालाओं से युक्त स्तुति करने वाले यजमानों के परम हितैषी, क्रांतदर्शी एवं दिव्य होतारूप अग्नि हमारे फलसाधक एवं स्वर्ग के स्पर्श करने वाले यज्ञ की पूजा करें. (८)
English
Worship our fruitful and heaven-touching yajna as the most benefactor, revolutionary and divine of the hosts who praise the gods with intoxicating flames. (8)
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