Sanskrit
प्र॒यन्त॒मित्परि॑ जा॒रं क॒नीनां॒ पश्या॑मसि॒ नोप॑नि॒पद्य॑मानम् । अन॑वपृग्णा॒ वित॑ता॒ वसा॑नं प्रि॒यं मि॒त्रस्य॒ वरु॑णस्य॒ धाम॑ ॥ (४)
Hindi
हम कमनीय उषाओं के प्रेमी सूर्य को सदा चलता हुआ देखते है, कभी स्थिर नहीं देखते. विस्तृत तेज को धारण करने वाले सूर्य मित्र व वरुण के प्रिय हैं. (४)
English
We see the sun, the lover of the weak ushas, moving forever, never standing. Surya, who wears wide radiance, is dear to friend and Varuna. (4)
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