Sanskrit

तम॑स्य॒ राजा॒ वरु॑ण॒स्तम॒श्विना॒ क्रतुं॑ सचन्त॒ मारु॑तस्य वे॒धसः॑ । दा॒धार॒ दक्ष॑मुत्त॒मम॑ह॒र्विदं॑ व्र॒जं च॒ विष्णुः॒ सखि॑वाँ अपोर्णु॒ते ॥ (४)

Hindi

तेजस्वी वरुण एवं अश्विनीकुमार ऋत्विजों वाले यजमान के यज्ञरूप विष्णु की सेवा करते हैं. यजमान आदि की मित्रता से युक्त विष्णु उत्तम एवं स्वर्गोत्पादक बल को धारण करते हैं एवं मेघ को बरसने के लिए आवरणरहित करते हैं. (४)

English

Tejasvi Varuna and Ashwinikumar serve Vishnu as the yajna form of the host of the Ritvijas. Vishnu, who has the friendship of hosts, etc., possesses the noble and heavenly force and makes the cloud unmasked to rain. (4)