Sanskrit
इ॒दमु॑द॒कं पि॑ब॒तेत्य॑ब्रवीतने॒दं वा॑ घा पिबता मुञ्ज॒नेज॑नम् । सौध॑न्वना॒ यदि॒ तन्नेव॒ हर्य॑थ तृ॒तीये॑ घा॒ सव॑ने मादयाध्वै ॥ (८)
Hindi
हे देवो! तुमने हमसे कहा था-”हे सुधन्वा के पुत्रो! तुम इसी सोमरस रूपी जल को पिओ अथवा मूंज के तिनकों से शुद्ध किया हुआ दूसरा सोमरस पिओ. यदि तुम इन्हें पीना न चाहो तो तीसरे सवन में सोमपान से मुदित बनो.” (८)
English
Oh, God! You said to us, "O sons of Sudhanva! Drink this somras-like water or drink another somras purified with moonj straws. If you do not want to drink them, then in the third evening, be cured of sompan." (8)
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