Sanskrit

य॒ज्ञेन॑ य॒ज्ञम॑यजन्त दे॒वास्तानि॒ धर्मा॑णि प्रथ॒मान्या॑सन् । ते ह॒ नाकं॑ महि॒मानः॑ सचन्त॒ यत्र॒ पूर्वे॑ सा॒ध्याः सन्ति॑ दे॒वाः ॥ (५०)

Hindi

यजमानों ने अग्नि के द्वारा यज्ञपूर्ण किया है. यही सर्वप्रथम कर्तव्यकर्म था. महत्त्वपूर्ण यजमान स्वर्ग में एकत्र हैं. वहां पूर्ववर्ती यज्ञकर्ता भी दिव्य रूप में रहते हैं. (५०)

English

The hosts have performed yajna by fire. That was the first duty. Important hosts are gathered in heaven. There the erstwhile yagyakars also live in divine form. (50)