Sanskrit

को न्वत्र॑ मरुतो मामहे वः॒ प्र या॑तन॒ सखी॒ँरच्छा॑ सखायः । मन्मा॑नि चित्रा अपिवा॒तय॑न्त ए॒षां भू॑त॒ नवे॑दा म ऋ॒ताना॑म् ॥ (१३)

Hindi

अगस्त्य ने कहा-“हे मरुतो! कौन तुम्हारी पूजा करता है? हे सबके मित्रो! यजमानों के सामने जाओ. हे सुंदर मरुद्गण! तुम सब मनोरम धनों को प्राप्त कराओ एवं मेरे सत्यकर्मो को जानो.” (१३)

English

Agastya said, "O Maruto! Who is worshipping you? Oh, my friends! Go in front of hosts. O beautiful deserters! Get all of you riches and know my true deeds." (13)