Sanskrit
ए॒ष वः॒ स्तोमो॑ मरुत इ॒यं गीर्मा॑न्दा॒र्यस्य॑ मा॒न्यस्य॑ का॒रोः । एषा या॑सीष्ट त॒न्वे॑ व॒यां वि॒द्यामे॒षं वृ॒जनं॑ जी॒रदा॑नुम् ॥ (१५)
Hindi
हे मरुतो! यह स्तोत्र एवं यह स्तुतिरूप वाणी प्रसन्नता देने वाली है एवं शरीर को पुष्ट करने के लिए तुम्हें प्राप्त होती है. हम बल, अन्न एवं जयशील दान प्राप्त करें.” (१५)
English
O Maruto! This hymn and this eulogical voice are pleasing and you get to strengthen the body. Let us receive strength, food and vibrant donations." (15)
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